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लेसा में बदलाव:बिजली का फॉल्ट अब नहीं देगा पूरे इलाके को झटका,जहां पर खराबी वहीं की बंद होगी बिजली

लखनऊ।अब पूरे इलाके में कोई भी खराबी आने पर बिजली बंद नहीं होगी।लेसा को ट्रिपिंग होने पता चल जाएगा कि दिक्कत कहां आई है और उसे खोजने की मेहनत भी नहीं करनी पड़ेगी।ऐसी तकनीकी व्यवस्था की जाएगी,जिससे जहां दिक्कत है उसी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ेगी।

मिली जानकारी के अनुसार लेसा इसको लेकर एक माह में ट्रायल शुरू करने जा रहा है। लेसा ने ट्रायल के लिए राजभवन खंड के डालीबाग उपकेंद्र से जुड़े गोखले मार्ग फीडर को पायलट प्रोजेक्ट के तहत चुना है। अगर इस ट्रायल में लेसा कामयाब रहा तो हर जगह इसे लागू किया जाएगा।शहर के आठ लाख बिजली उपभोक्ता को बड़ी राहत मिलेगी।

बता दें कि गोखले मार्ग फीडर से 10 अपार्टमेंट, होटल और कॉलोनी के 650 उपभोक्ता को बिजली मिलती है।इस फीडर से 14 ट्रांसफार्मर जुड़े हैं।इनमें से किसी भी ट्रांसफार्मर या कहीं पर लाइन में फॉल्ट आने पर ठीक करने के लिए पूरा फीडर बंद करना पड़ता है।इसे नो ट्रिपिंग जोन बनाने के लिए सभी ट्रांसफार्मर पर ब्रेकर और रिले सिस्टम लगाया जाएगा। इससे फॉल्ट से संबंधित ट्रांसफार्मर की ही बिजली बंद होगी। इस पायलट प्रोजेक्ट पर 1.48 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

जानें क्या है ब्रेकर और रिले सिस्टम

रिले-इस डिवाइस से कहां पर फॉल्ट आया ये पता चल जाएगा और किस वजह से फाॅल्ट आया है ये भी पता चल जाएगा। इससे लाइनमैन को फॉल्ट को खोजने में अपना समय बर्बाद नहीं करना पड़ेगा।

ब्रेकर-यह ऐसा सिस्टम है,जिससे बिजली की आपूर्ति बहाल और बंद की जाती है।अभी यह सिस्टम 33 केवी और 11 केवी के उपकेंद्रों के ट्रांसफार्मर पर लगाया जाता है।यह पहली बार स्थानीय ट्रांसफार्मर पर लगाया जाएगा।इस ब्रेकर से खराबी या फॉल्ट से संबंधित ट्रांसफार्मर की आपूर्ति बंद की जा सकेगी।इससे वह सप्लाई सर्किट से अलग हो जाएगा,जिससे अन्य इलाकों की बिजली आपूर्ति चालू रहेगी।

अभी फॉल्ट आने पर कम से कम 20 मिनट तक गुल रहती है बिजली

बता दें कि मौजूदा सिस्टम में एक फीडर के किसी ट्रांसफार्मर में फॉल्ट आने पर उसको सप्लाई सर्किट से अलग करने और दोबारा फीडर को चालू करने की व्यवस्था में कम से कम 20 मिनट लग जाते हैं,जिससे बिजली गुल रहती है।औसतन 2500 उपभोक्ता प्रभावित होते हैं।

पूरे फीडर की बिजली नहीं होगी बंद

ट्रांसफार्मर एवं मीटर रूम में फॉल्ट या तकनीकी खामी आने पर उसे ठीक करने के लिए 11 केवी फीडर के अन्य ट्रांसफार्मरों की बिजली आपूर्ति को बंद नहीं करना पड़ेगा। जिस ट्रांसफार्मर में फाॅल्ट होगा, उसे ही ठीक करने के लिए बिजली बंद होगी। इससे फीडर के अन्य उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति में कोई व्यवधान नहीं आएगा।मुख्य अभियंता लेसा सिस गोमती जोन संजय जैन

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