Bharat News Today

शिवा कॉलोनी में सर्प देख मचा हड़कंप,सर्पमित्र ने किया रेस्क्यू

सभी सर्प जहरीले नहीं कृपया बेवजह ही इन्हें न मारें : सर्पमित्र

इटावा । सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत कल रात्रि लगभग 9 बजे एक लगभग 4 फ़ीट लम्बा मोटा सर्प शिवा कॉलोनी में एक आवास के बाहर नाली में लेटा हुआ था जिसे देखकर पूरे मोहल्ले में हड़कंप मच गया लोग अजगर अजगर चिल्लाने लगे। इस सर्प के दिखाई देने की सूचना निवासी शिवा पचौरी द्वारा डायल 112 पुलिस को दी गई जिसके बाद इटावा पुलिस कंट्रोल रूम से वन्यजीव विशेषज्ञ सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी को SHO सिविल लाइन के सीयूजी नंबर के साथ सूचना दी गई । तब डायल 112 की टीम में 4607 चीता मोबाइल से भी सूचना मिलते ही डॉ आशीष तत्काल मौके पर पहुंचे और 5 मिनट में ही उस सर्प को सुरक्षित तरीके से पकड़ कर बिना नुकसान पहुंचाए उसके प्राकृतवास में डायल 112 की मदद से ले जाकर छोड़ दिया। इस रेस्क्यू के मौके पर सिविल लाइन थाना के डायल 112 के 4607 चीता मोबाइल टीम के पुलिस कर्मियों में कांस्टेबल विकास यादव,अतुल यादव
सहित हेड कांस्टेबल नवीन कुमार,कांस्टेबल नरेश बाबू, कांस्टेबल सुमित कुमार
मौजूद रहे जिन्हें डॉ आशीष द्वारा जहरीले सर्प दंश के इलाज के बारे में विस्तार से जागरूक भी किया गया।

हाड़ कंपाती सर्दी में डायल 112 टीम के साथ हुआ सर्प का रेस्क्यू

रेस्क्यू के बाद नगर पालिका परिषद के वन्यजीव एवम पर्यावरण के ब्रांड एंबेसडर,मिशन स्नेक बाइट डेथ फ्री इंडिया के यूपी कोर्डिनेटर सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी ने सभी लोगों को सर्प के दिखाई देने की सूचना देने के लिए धन्यवाद देते हुये बताया कि,यह विषहीन सर्प चेकर्ड सांप है क्यों कि,इसकी त्वचा पर हरी पीली चेक की डिजाइन बनी होती है आम भाषा में इसे पनिया सांप भी कहा जाता है। इस विषहीन प्रजाति के सर्प से किसी को कोई नुकसान नही होता है। शायद यह भोजन की तलाश में ही आवास के आस पास आ गया होगा। और सर्दी की वजह से चल पाने में असमर्थ भी था। डॉ आशीष ने सभी को सर्पदंश के बारे में जानकारी दी कि,यदि कभी किसी को कभी कोई जहरीला सर्प काट ले तो कृपया तत्काल ही बिना समय गंवाये ही मरीज को उचित जगह पर हल्का सा बन्ध लगाकर (हल्का कपड़ा बांधकर) 1 घंटे के अंदर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड कमरा नंबर 3 में ले जाए और चिकित्सक के अनुसार एडमिट करायें और एंटीवेनम लगवाएं क्यों कि विषधारी कोबरा या करैत के काटने के बाद अंधविश्वास में झाड़ फूंक कराना हमेशा ही जानलेवा साबित होता है। विदित हो कि, जनपद इटावा में डॉ आशीष द्वारा जनपद इटावा में चलाये जा रहे सर्पदंश जागरूकता अभियान का अब एक बड़ा असर हो चुका है कि, लोग अब झाड़ फूंक न करा कर सीधे अस्पताल आने लगे है और सर्पों या किसी भी वन्यजीव को मौके पर मारना ही छोड़ दिया है। और सीधे ही डॉ आशीष को रेस्क्यू की सूचना भी देने लगे है। विदित हो कि, डॉ सर्पमित्र आशीष त्रिपाठी जनपद इटावा में डायल 112 पुलिस सेवा एवम वन विभाग इटावा के सहयोग से विभिन्न वन्यजीवों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लोगों की सहायता करने के साथ साथ वन्यजीवों को भी सुरक्षित संरक्षण प्रदान कर रहे है।

Leave a Reply

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज

Gold & Silver Price