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अली के इश्क में इतना जरूर होता है, अली के नाम से शैतान दूर होता है शरीफ मन्ज़िल में हुआ अली डे पर महफ़िल का आयोजन

इटावा। पहले इमाम मौलाए कायनात हज़रत अली अ.स. की पैदाइश के खुशनुमा मौके पर राहत अक़ील शक्कन भाई की जानिब से एवं मौलाना
अनवारुल हसन ज़ैदी इमामे जुमा इटावा की अध्यक्षता व संचालन में शरीफ़ मन्ज़िल सैदबाड़ा इटावा में महफ़िल का आयोजन किया गया।

अली के जश्न में ये सोचकर आना इबादत है
यहां जर्रा बराबर भी नही शिकवा शिकायत है ..

महफ़िल में कलाम पेश करते हुए सलीम रज़ा ने कहा मोमिनों मुस्कुराओ मजा आएगा, जश्ने हैदर मनाओ मजा आएगा। तसलीम रज़ा ने कहा हमारे इश्क का मयार बस फ़ज़ीलत है, इसी सबक से तो आले नबी से उल्फत है। तनवीर हसन ने कहा अली के जश्न में ये सोचकर आना इबादत है, यहां जर्रा बराबर भी नही शिकवा शिकायत है। अख्तर अब्बास मोंटू ने कहा जाने मुर्तजा से नबी कर रहे हैं क्या बातें, खोलते नहीं आंखें और मुस्कुराते हैं। फ़राज़ रिज़वी शारू ने कहा वही हकीकी खुदा का चेहरा है जो मजाजी खुदा का चेहरा है, वो जिंदगी ठोकर का दूसरा नाम है वो बस अली है। ताबिश रिज़वी ने कहा ए अली आपकी काबे में विलादत के लिये, गर हो दर बन्द तो दीवार ही दर बनती है। सलमान रिज़वी ने कहा 13 रजब को साहिबे ईमान आ गया ईमान को बचाने को यज़दामन आ गया, आते ही कर रहा है तिलावत कुरान की काफिर के घर में कब से मुसलमान आ गया। आबिद रज़ा ने कहा अली के इश्क में इतना जरूर होता है, अली के नाम से शैतान दूर होता है। आसिफ रिज़वी अश्शू ने कहा बेकसों के मददगार मौला अली, बिन तेरे अपना कोई सहारा नहीं। इसके अलावा शायर आबिद अली सौरिख कन्नौज, ज़ैनुल इबा, कैफ वारसी, तालिब रिज़वी, अर्श तालिब रज़ा, वली ने भी कलाम पेश किए।
महफ़िल की अध्यक्षता करते हुये मौलाना अनवारुल हसन ज़ैदी इमामे जुमा इटावा ने कहा 13 रजब कायनात का वो अहम दिन है जब मौला अली की अल्लाह के घर काबे में पैदाइश हुई थी। मुसलमान इबादत के साथ मौला अली की पैदाइश का जश्न मनाएं। श्री जैदी ने अंत मे मुल्क में अमनचैन की दुआ की। महफ़िल में हाजी कमर अब्बास नक़वी, हाजी अरशद मरगूब, शावेज़ नक़वी, मो. अब्बास, मो. मियां, हसन अब्बास, शहज़ादे, अली साबिर, राहत हुसैन रिज़वी, कामरान खान, सुहेल अली, तहसीन रज़ा, शब्बर अक़ील, अख्तर मिर्जा, आरिफ रिज़वी, अयाज हुसैन, अब्बास हैदर राजा, सोनू नक़वी, मो. जुनैद, मो. जावेद, राशिद, जहूर नक़वी, इबाद रिज़वी, आतिफ एड., शारिब, नजमुल हसन, ताजदार हुसैन, आले रज़ा नक़वी, हम्माद, सैफू, राहिल, समर, नफीसुल जैदी, परवेज हसनैन, मिन्हाज सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर अली डे का जश्न मनाया। अंत मे संयोजक राहत अक़ील ने शायरों व उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।

फोटो- महफ़िल में तकरीर करते मौलाना अनवारुल हसन व कलाम पेश करते शायरे एहलैबैत।

रिपोर्टर
ज़ाहिद वारसी इटावा

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