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घर की चौखट में छिपा सांप देख फैली दहशत सर्पमित्र ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

MISSION SNAKEBITE DEATH FREE INDIA (MSBDFIUP)🐍
इटावा। घर की चौखट में छिपे सांप को देख कर घर में दहशत फैल गई आनन फानन में सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी से संपर्क किया गया। डॉ आशीष ने तत्काल चौखट में कोई पुराना कपड़ा लगाने को कहा। विजय नगर कॉलोनी में मकान नंबर 285 में कल एक सर्प घर की चौखट में छिप कर बैठ गया जिसे घर की बुजुर्ग महिला रामप्यारी तोमर ने अपने पूजा घर की चौखट में प्रवेश करते देख लिया। जिसे देखकर वे बेहद घबरा गई। इसके बाद मिशन स्नेक बाइट डेथ फ्री इंडिया के कोर्डिनेटर सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी से फोन पर सम्पर्क किया गया। जिसके बाद उन्होंने सर्प की सही एक पहचान के लिए गृह स्वामी अखिलेश तोमर को उनके व्हाट्सअप पर सर्प की एक फोटो भेजी जो कॉमन वोल्फ स्नेक की थी। जिसे देखकर उनके पुत्र अभिषेक तोमर ने उस सर्प को पहचान लिया की वह वही सर्प है। काफी कड़ी मशक्कत करने के बाद सर्प को उस चौखट से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। जिसके साथ ही पास के फर्श की खुदाई में उसके 9 अंडे भी मिले जिन्हें भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया । तत्पश्चात सर्प को उसके प्राकृतवास में ले जाकर उसके अंडों सहित सुरक्षित स्थान पर रिलीज भी कर दिया गया।

मिशन स्नेक बाइट डेथ फ्री इंडिया के कोर्डिनेटर सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी ने मौके पर घरवालों को जानकारी देते हुए बताया कि,यह लगभग डेढ़ फीट लम्बा लाइकोडॉन सर्प एक विषहीन प्रजाति का ही सर्प है जिसका जन्तु वैज्ञानिक नाम लाइकोडोंन औलीकस होता है इसे सामान्य तौर पर भेड़िया सर्प (वोल्फ स्नेक) भी कहते है। यह देखने में करैत सर्प जैसा लगता है लेकिन दोनो में काफी अंतर है। लेकिन करैत जैसी संरचना की वजह से लोग इसे खतरनाक करैत सर्प समझकर देखते ही डर जाते है। यह अक्सर घर की चौखट,बाथरूम की दीवार या किचिन के आसपास ही बैठा मिलता है। इसे छिपकली खाना बेहद पसंद है।

डॉ आशीष ने बताया कि,अब हमारे द्वारा जनपद इटावा में पिछले कई वर्षों से लगातार चलाए गए सर्पदंश जागरूकता अभियान का एक बहुत बड़ा असर हो चुका है कि, अब लोगों ने सर्पदंश के बाद झाड़ फूंक कराना बन्द कर दिया है और सीधे ही इलाज के लिए जिला अस्पताल जाने लगे है। साथ ही सर्पों या किसी भी अन्य वन्यजीव को मारना भी बंद कर दिया है और पूरे जनपद में किसी भी सर्प के काट लेने या सर्प के कहीं भी दिखाई देने की सूचना सीधे ही डॉ आशीष के व्यक्तिगत नंबर 7017204213 पर तत्काल देने लगे है। सर्पदंश जागरूकता और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में जनपद इटावा में हुआ अब तक का यह एक बहुत ही बड़ा बदलाव है ।

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